Monthly Archives: August 2019

जयति जननी जन्मभूमि

स्वर्ग की मुझको चाह नहीं,
न ही मुझे सम्मान दो।
फूल की माला नही चाहिए,
न ही मेरी जयकार हो।
मेरी लाश पे आँसू न हो,
ना ही कोई संताप हो।
माँ की आन की रक्षा खातिर,
सर्वस्व मेरा बलिदान हो।
जननी मेरी भारती,
और जन्म से भारत नाम हो।

______________________________________

© Arvind Maurya

Advertisements

रक्षा का बंधन

राखी का त्यौहार, कहानी बड़ी पुरानी है
शिशुपाल के वध से लेकर, शुरू कहानी है
पांचाल कुमारी ने बाँधी तब, पहली राखी है
बँधी थी पहली राखी जिनको,कृष्ण वो भाई है
दुस्सह दुःशासन जब आया , बन आततायी है
भ्राता कृष्ण ने तब बहना की, लाज बचाई है
तब से जो सिलसिला चला है,राखी का त्यौहार बना है
भाई-बहन के प्रेम-वचन का, राखी आज गवाह बना है

______________________________________

© Arvind Maurya