कैसे कहूँ

कहना तो था कुछ तो कहना तो था
कैसे कहना ये था, मन ये समझा न था
दर्द सहना तो था, फिर भी कहना ही था
जिसको दिल तेरा अबतक भी, समझा न था
जुदा होना तय था , फिर न मिलना होता
ऐसी बात संभल कर, मुझको कहना तो था
ऐसी बात कहके मुझको, सम्भलना होगा
तेरा हाल क्या होगा, दम तो घुंट रहा होगा
फिर भी कहना तो था, मुझको कहना ही था
तू भी बिंध जाएगी, मैं भी बिंध जाऊंगा
फिर भी जिद तुझको आज, यह तजना होगा
मुझको कहना होगा, तुझको सुनना होगा
मुझको कहना होगा, तुझको सुनना होगा

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© Arvind Maurya

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